
Song
Anup Jalota
Main Nahi Makhan Khayo

0
Play
Download
Lyrics
Uploaded by86_15635588878_1671185229650
मैया मोरी
कनहया की बाल लिलाओं में सबसे निटखट माखन चोड़ी
उसी पर ये भजन सूरदाज ये निलिखा
कनहया आज पड़ोस के घरों में जाते थे माखन चुराने
एक गोपी बड़ी चलाती
उसने क्या किया था कि जहाँ माखन के मटकी टांग रखी थी
उसी रसी से एक घंटी भी बांद रखी थी
कि कनईया आएंगे, मटकी पोड़ेंगे, ये घंटी बजेगी, हम उनको बगड़ लेंगे
कनईया पहुँचे अपने साथियों के साथ, देखा कि घंटी भी बंधी हुई
समझ गया कि ये गोपी अपने को बहुत चालाज समझते हैं
तो घंटी को आदेश दिया, चुप रहना, बोलना नहीं, बिलकुल आवाज मत करना
मेरे साथियों को भूख लगी है, सबको माखन खाना है
मटकी फोड़ी गई, कनईया के साथियों ने खूब माखन खाया, और घंटी चुप
जब सब खा चुके, तो कनईया ने सोचा, थोड़ा मैं भी खा लूँ
जैसे ही जरा सा माखन मुख से लगाया, तो घंटी जोर-जोर से बजनी ले गया
कनईया ने कहा, ये क्या? जब मेरे साथी खा रहे थे, तो तुम चुप थी
और मैंने जरा सा माखन खाया, और तुमने बजना शुरू कर दिया
घंटी बोली, हमारे ठाकुर जी भोग लगा रहे हूँ, तो हम कैसे चुप रह सकते हैं
हमारा तो काम ही यही है, कि जब भगवान भोग लगाएं, तो हम सारे ब्रह्मान्ड को बताएं
बस आ गई गोपी, पकड़ लिया कनहिया को, ले गई यशुदा के मुझे
ओ यशुदा पूछ बैटी कनहिया, तुने माखन खाया क्या है
और कनहिया के मुख से अनायास निकल गया
मैं नहीं माखन खायू
मैं नहीं माखन खायू
मैं नहीं माखन खायू
इस भजन में क्या सच्चाई है, क्या वास्तुों का है, आप सभी जान दें
कनहिया ने माखन खाया
मुख से निकल गया, मैंने ही माखन खाया
कनहिया ने कहा, मुख से निकल गया तो क्या हुआ
अभी सिद गरते दे, नहीं खाया
ऐसे एसे तर्ख दिये मा को ऐसा समझाया
कि अंत में मा ने कह दिया हाँ बेटा तुने मा करने की
सबसे पहला तर्ख दिया
कहना लगे मा यू तुमने सोचा कैसे मैंने माखन खा ला
तुम्हें तो मालूब मैं कितने काम है मेरे बास
सुबह से शाम फुरसत नहीं मिलती
गोर भायो गई अनके पाछे
तुने मधु बन मोधी पठायो
चार पहर पंशी बट भट क्यो
सांज परे मैं घर आयो
दिमया मोरी मैं कब माखन खायो
मैं या मोरी मैं कब माखन खायो
यहां दो समय का वर्णन हुआ है भूर और सांज
हमारे भारती शाल्सी संगीत में
अलग अलग समय के अलग अलग अलग
मौसम तक के राज
तो भूर सुनिये भूर की राग
राग भैरव
सांज राग यमन कल्यान
शायद आपको समय का आफ़ास होगा
भूर भायो
भूर भायो
भूर भायो
भूर भायो
गईयन के पाठे
तूने मरूबन मोही पाठा
सन्ने बर्गा
स्वर्प बर्गा
चार बाहर
बंशी बट भट क्यो
सांज परे मैं भर आयू
मैं कब माखन खायू
मैं कब माखन खायू
कोई असर नहीं मापता हूँ
कनईया ने दूसरा तरक दिया
कहने लगे मा ज़रा ध्यान से सोचो माखन कैसे खा सकता
इतना छोटा सा बालक हूँ छोटे छोटे हाथ पेर मेरे
अब माखन कहां टांग के रखते
मैया मोरी
मैं बालक बहियन को छोटू
मैं बालक बहियन को छोटू
ये छीको किस विदी पायो
मैं बालक बहियन को छोटू
पर बस मुख लपटायो निमैया मोरी मैं नहीं नहीं नहीं माँखन खायो
निमैया मोरी मैं नहीं माँखन खायो
निमैया मोरी मैं नहीं नहीं माँखन खायो
मेरी मैया अरी प्यारी मेरी मैया अरी भोली मेरी मैया सुंदर सुंदर मेरी मैया प्यारी प्यारी
मेरी मैया कैसी न्यारी मेरी मैया अरी हो मेरी मैया अरी हाँ मेरी मैया
मैया तू जननी मैया तू जननी मन की अति भोली
इन के पति मेरी मैया पति मेरी मैया पति
कहे पति आयो री मैया मूरी इनके
कहे पति आयो
मैया ये ले अपनी लगुटी कमबलिया
तूने बहुत ही नाचना चायो
मैया मूरी मैंने ही माघन खायो
कहने लगे मा मैं समझ गया बात क्या है
ये माघन की तो बाती नहीं है
ये माघन का तो तुमने बहाना लिया
तुमारे मन में क्या है न जान ले
कहने लगे
मैया मूरी
मैया जिया तेरे कुछ भेदू पज़ है
जिया तेरे कुछ भेदू पज़ है
तूने मोहे जानो परायो जायो
तूने मोहे जानो परायो जायो
सूरदास तम दी हसी जसोदा
ले उरकंथ लगायो
मैं नीर भरियायो
मैं नीर भरियायो
कनया तेरे
तै नहीं माँखन खायो कनहिया मुरे
तै नहीं माँखन खायो ओ लल्ला मुरे
तै नहीं माँखन धायो
कल्पना कीजे क्या दृश हो
कनहिया और नहिया
दोनों गले से लगें आंसू बहारें
दोनों जानते माँखन खाया
और दोनों कहरें माँखन नहीं खाया
कनहिया ने देखा । तो मा मान गही अब छूठ बोलने से क्या फायदा
चमत्कार देखी शब्दों का
कनईया ने अपने इन ही शब्दों में सुलकार किया
अभी तक मां कहे रहे है
कनईया तै नहीं माखन खायो
कनईया कहे रहे है
मैया मैं नहीं माखन खायो
और अचानक
कनईया ने मां के आँसू पुषे
और मुश्कुराते थोड़े कहने लगे
ओ सुन मय्या मोरी
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैं नहीं माखन खायू सुन्दैया मोरी
मैं नहीं माखन
कनहया की बाल लिलाओं में सबसे निटखट माखन चोड़ी
उसी पर ये भजन सूरदाज ये निलिखा
कनहया आज पड़ोस के घरों में जाते थे माखन चुराने
एक गोपी बड़ी चलाती
उसने क्या किया था कि जहाँ माखन के मटकी टांग रखी थी
उसी रसी से एक घंटी भी बांद रखी थी
कि कनईया आएंगे, मटकी पोड़ेंगे, ये घंटी बजेगी, हम उनको बगड़ लेंगे
कनईया पहुँचे अपने साथियों के साथ, देखा कि घंटी भी बंधी हुई
समझ गया कि ये गोपी अपने को बहुत चालाज समझते हैं
तो घंटी को आदेश दिया, चुप रहना, बोलना नहीं, बिलकुल आवाज मत करना
मेरे साथियों को भूख लगी है, सबको माखन खाना है
मटकी फोड़ी गई, कनईया के साथियों ने खूब माखन खाया, और घंटी चुप
जब सब खा चुके, तो कनईया ने सोचा, थोड़ा मैं भी खा लूँ
जैसे ही जरा सा माखन मुख से लगाया, तो घंटी जोर-जोर से बजनी ले गया
कनईया ने कहा, ये क्या? जब मेरे साथी खा रहे थे, तो तुम चुप थी
और मैंने जरा सा माखन खाया, और तुमने बजना शुरू कर दिया
घंटी बोली, हमारे ठाकुर जी भोग लगा रहे हूँ, तो हम कैसे चुप रह सकते हैं
हमारा तो काम ही यही है, कि जब भगवान भोग लगाएं, तो हम सारे ब्रह्मान्ड को बताएं
बस आ गई गोपी, पकड़ लिया कनहिया को, ले गई यशुदा के मुझे
ओ यशुदा पूछ बैटी कनहिया, तुने माखन खाया क्या है
और कनहिया के मुख से अनायास निकल गया
मैं नहीं माखन खायू
मैं नहीं माखन खायू
मैं नहीं माखन खायू
इस भजन में क्या सच्चाई है, क्या वास्तुों का है, आप सभी जान दें
कनहिया ने माखन खाया
मुख से निकल गया, मैंने ही माखन खाया
कनहिया ने कहा, मुख से निकल गया तो क्या हुआ
अभी सिद गरते दे, नहीं खाया
ऐसे एसे तर्ख दिये मा को ऐसा समझाया
कि अंत में मा ने कह दिया हाँ बेटा तुने मा करने की
सबसे पहला तर्ख दिया
कहना लगे मा यू तुमने सोचा कैसे मैंने माखन खा ला
तुम्हें तो मालूब मैं कितने काम है मेरे बास
सुबह से शाम फुरसत नहीं मिलती
गोर भायो गई अनके पाछे
तुने मधु बन मोधी पठायो
चार पहर पंशी बट भट क्यो
सांज परे मैं घर आयो
दिमया मोरी मैं कब माखन खायो
मैं या मोरी मैं कब माखन खायो
यहां दो समय का वर्णन हुआ है भूर और सांज
हमारे भारती शाल्सी संगीत में
अलग अलग समय के अलग अलग अलग
मौसम तक के राज
तो भूर सुनिये भूर की राग
राग भैरव
सांज राग यमन कल्यान
शायद आपको समय का आफ़ास होगा
भूर भायो
भूर भायो
भूर भायो
भूर भायो
गईयन के पाठे
तूने मरूबन मोही पाठा
सन्ने बर्गा
स्वर्प बर्गा
चार बाहर
बंशी बट भट क्यो
सांज परे मैं भर आयू
मैं कब माखन खायू
मैं कब माखन खायू
कोई असर नहीं मापता हूँ
कनईया ने दूसरा तरक दिया
कहने लगे मा ज़रा ध्यान से सोचो माखन कैसे खा सकता
इतना छोटा सा बालक हूँ छोटे छोटे हाथ पेर मेरे
अब माखन कहां टांग के रखते
मैया मोरी
मैं बालक बहियन को छोटू
मैं बालक बहियन को छोटू
ये छीको किस विदी पायो
मैं बालक बहियन को छोटू
पर बस मुख लपटायो निमैया मोरी मैं नहीं नहीं नहीं माँखन खायो
निमैया मोरी मैं नहीं माँखन खायो
निमैया मोरी मैं नहीं नहीं माँखन खायो
मेरी मैया अरी प्यारी मेरी मैया अरी भोली मेरी मैया सुंदर सुंदर मेरी मैया प्यारी प्यारी
मेरी मैया कैसी न्यारी मेरी मैया अरी हो मेरी मैया अरी हाँ मेरी मैया
मैया तू जननी मैया तू जननी मन की अति भोली
इन के पति मेरी मैया पति मेरी मैया पति
कहे पति आयो री मैया मूरी इनके
कहे पति आयो
मैया ये ले अपनी लगुटी कमबलिया
तूने बहुत ही नाचना चायो
मैया मूरी मैंने ही माघन खायो
कहने लगे मा मैं समझ गया बात क्या है
ये माघन की तो बाती नहीं है
ये माघन का तो तुमने बहाना लिया
तुमारे मन में क्या है न जान ले
कहने लगे
मैया मूरी
मैया जिया तेरे कुछ भेदू पज़ है
जिया तेरे कुछ भेदू पज़ है
तूने मोहे जानो परायो जायो
तूने मोहे जानो परायो जायो
सूरदास तम दी हसी जसोदा
ले उरकंथ लगायो
मैं नीर भरियायो
मैं नीर भरियायो
कनया तेरे
तै नहीं माँखन खायो कनहिया मुरे
तै नहीं माँखन खायो ओ लल्ला मुरे
तै नहीं माँखन धायो
कल्पना कीजे क्या दृश हो
कनहिया और नहिया
दोनों गले से लगें आंसू बहारें
दोनों जानते माँखन खाया
और दोनों कहरें माँखन नहीं खाया
कनहिया ने देखा । तो मा मान गही अब छूठ बोलने से क्या फायदा
चमत्कार देखी शब्दों का
कनईया ने अपने इन ही शब्दों में सुलकार किया
अभी तक मां कहे रहे है
कनईया तै नहीं माखन खायो
कनईया कहे रहे है
मैया मैं नहीं माखन खायो
और अचानक
कनईया ने मां के आँसू पुषे
और मुश्कुराते थोड़े कहने लगे
ओ सुन मय्या मोरी
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैने ही माखन खायो
सुन मय्या मोरी
मैं नहीं माखन खायू सुन्दैया मोरी
मैं नहीं माखन
Show more
Artist

Anup Jalota0 followers
Follow
Popular songs by Anup Jalota

Sai Dhun Mea Me Ranga Hu
WARNER RECORDED MUSIC08:14

Naiharwa Humka Na Bhave
The Orchard06:52

Paas Tere Main Kaise Aau
WARNER RECORDED MUSIC07:02

Main Thakurji Ki Dasi
WARNER RECORDED MUSIC04:43

Teeno Lok Puje Tujhko
The Orchard05:32

Aisi Vani Boliye - Kabir Dohe
The Orchard02:07

Har Har Mahadev
The Orchard14:09

Mili Hai Char Din
UNIVERSAL MUSIC GROUP01:10

Om Jay Jagdish Hare
WARNER RECORDED MUSIC07:21

Ram Naam Ka Moti Rakh Tu
BELIEVE MUSIC06:03
Popular Albums by Anup Jalota

Jai Shiv Omkara
Anup Jalota
, Sadhana Sargam
, Aniket Shukla

Shreeman Narayan Narayan Hari Hari
Manhar Udhas
, Sadhana Sargam
, Anup Jalota

Aapan Betwa Tu Hamke Banala Maiya
Anup Jalota

Maiya Tohari Nagariya Superhit
Anup Jalota

Samay Se Pahle Bhagya Se Jyada
Anup Jalota

Gale Ka Haar Banale
Anup Jalota

Sai Milan Ki Aas
Anup Jalota

Anup Jalota Devotional Hits
Anup Jalota

Greatest Mantras, Shlokas, Bhajans by Anup Jalota
Anup Jalota

Bajrang Baan
Anup Jalota

Uploaded byUNIVERSAL MUSIC GROUP